चित्रकूट
ग्रामीणों की मारी गई मति। ग्राम प्रधान बना करोड़पति।।
सुना है A4 साइज के नार्मल कागज पर दी गई शिकायत पर कार्यवाही अमल में नहीं लाई जाती। इसलिए स्टॉम्प लिखित शिकायत पत्र लिया जाता है ताकि किसी पर कोई झूठा आरोप लगाएं तो उसपर भी कार्यवाही की जा सके। अब जिस रास्ते पर ग्रामीण खड़े हैं बता रहे हैं। कागजों में इस रास्ते का पैसा निकाला जा चुका है। और यहाँ सीसी रोड निर्माण हुआ है। अब देखिए इस ग्राम पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने स्टॉम्प में ग्राम प्रधान के खिलाफ लिखित शिकायत जिलाधिकारी महोदय को दिया है। लेकिन अभी तक संतोषजनक न तो जांच हुई और नाही कोई कार्यवाही? देखना यह है कि जनपद के आलाधिकारी इस भ्रष्टाचार पर कब तक ध्यान देते हैं कब तक कार्यवाही करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत लाखों के फर्जी भुगतान, खडंजा निर्माण कार्य का फर्जी भुकतान, आवास के नाम पर ठगी, ऐसी कई योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। और प्रधान ने विकास कार्य का पैसा अपनी निजी प्रोपर्टी बनाने में खर्च कर डाली जैसे कई बीघे जमीन खरीद लिया शहरों में प्लाट मकान खरीद लिया और गांव का विकास नहीं विनाष कर दिया। ऐसा ग्रामीणों का कहना है। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जाती। 
तहसील मऊ ब्लॉक रामनगर के ग्राम सुहेल के ग्रामीणों ने की ग्राम प्रधान की शिकायत




